शिश्न ( लिंग ) स्तनधारी और सरीसृपों के नर जीवों का एक बाहरी यौन अंग है. उनका ये अंग प्रजनन और मूत्र निकासन के लिए काम आता है. इसे हिंदी में लोग लिंग के नाम से जाते है, किन्तु इसके दोनों नामों को अलग अलग जगह प्रयोग में लाया जाता है अर्थात शिश्न शब्द का प्रयोग वैज्ञानिक या फिर चिकित्सक करते है जबकि लिंग शब्द धार्मिकता से जुडा हुआ है. लिंग का प्रयोग स्त्री और पुरुष में भेद के लिए भी होता है जैसेकि पुल्लिंग और स्त्रीलिंग.

लिंग में टेढापन होने का मुख्य कारण :

विज्ञान के अनुसार सभी पुरुषों का लिंग 3 प्रकोष्ठों में बटा हुआ है. इनमें से 2 प्रकोष्ठ लिंग के ऊपर वाले भाग में होते है जिन्हें Corpus Cavernosum कहा जाता है ये दोनों इरेक्टाइल टिश्यू से बने होते है, इनकी ही सहायता से लिंग के उत्थान में सहायता मिलती है. जबकि तीसरा प्रकोष्ठ को Corpus Spongiosum कहते है. जब कोई व्यक्ति उत्तेजित होकर अपने लिंग पर रगड़ या दबाव डालता है और हस्तमैथुन करता है तो इस रगड के कारण लिंग के ऊपर वाले दो प्रकोष्ठ क्षतिग्रस्त हो जाते है, उनमें रक्त इक्कठा होना बंद हो जाता है. इसके बाद ना तो लिंग उत्तेजित हो पाता है और ना ही उसका विकास होता है. जबकि दूसरी तरफ नीचे वाले हिस्से में रक्त प्रवाह वैसा ही बना रहता है और वहाँ विकास जारी रहता है और यही कारण है कि लिंग में टेढापन आ जाता है.

लिंग का टेढ़ापन दूर करने के उपाय :

उपाय ( Solution ) :

· सामग्री ( Material Required ) :
दालचीनी का तेल, बादाम का तेल, पिस्ता का तेल, जमालघोटा का तेल, पान का पत्ता·

प्रयोग विधि ( Use ) :
सबसे पहले आप उपरलिखित सभी तेलों को सामान मात्रा में लेकर मिला लें. रात को सोते वक़्त इस तेल की एक बूंद को लिंग पर डालें और मालिश करें. उसके बाद लिंग पर पान का एक पत्ता बांधें और सो जाएँ. ये उपाय लिंग के पतलेपन, टेढ़ेपन को दूर करने के साथ साथ लिंग को शक्ति भी देता है.

अन्य उपाय ( Other Solution ) :
· जैतून का तेल ( Olive Oil ) : जैतून के तेल में खनिज लवणों की प्रचुरता होती है, अगर इससे रोजाना लिंग की मालिश की जाए तो लिंग स्वस्थ रहता है, उसमें रक्त संचार बना रहता है, कोशिकायें मजबूत होती है जिससे टेढ़ेपन से छुटकारा मिलता है. साथ ही ये लिंग को मोटा करने में भी सहायक होता है.

· चन्दन का तेल ( Sandalwood Oil ) : चन्दन के तेल की एक विशेषता ये है कि इसके प्रयोग से व्यक्ति के शरीर में वीर्य की संख्या बढती है, अगर शरीर में स्पर्म की कमी नहीं है तो ये ना सिर्फ लिंग को स्वस्थ रखता है बल्कि व्यक्ति को भी बल व हष्ट पुष्ट शरीर प्रदान करता है इसलिए रोजाना चन्दन के तेल से लिंग की मालिश करें.

· बादाम का तेल ( Almond Oil ) : वहीँ अगर बादाम के तेल की बात की जाए तो उसमें जिंक की भरपूर मात्रा पायी जाती है और जिंक लिंग के स्वस्थ के लिए बहुत जरूरी होता है. इसलिए आप खाने में ऐसे आहार का सेवन करें जिसमें जिंक की मात्रा अधिक हो, साथ ही बादाम के तेल से लिंग की मालिश करना बिलकुल ना भूलें.

· लैवंडर और बादाम का तेल ( Lavender and Almond Oil ) : अगर लैवंडर और बादाम के तेल को मिलाकर प्रयोग में लाया जाए तो आश्चर्यजनक रूप से लाभ की प्राप्ति होती है.

· मेहँदी के फुल ( Flowers of Henna ) : अगर लिंग के टेढ़ेपन के कारण लिंग का तनाव खत्म हो गया है तो आप मेहँदी के फुल और फिटकरी लें और दोनों को मिलाकर चूर्ण तैयार करें. इस चूर्ण में थोडा सा बादाम का तेल मिलाकर लिंग पर लेप करें और सूखने तक वहीँ लगा रहने दें. फिर इसे साफ़ करें, लिंग आश्चर्यजनक तरीके से अपने पहले वाले आकार में आ जाएगा.

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शिश्न ( लिंग ) स्तनधारी और सरीसृपों के नर जीवों का एक बाहरी यौन अंग है. उनका ये अंग प्रजनन और मूत्र निकासन के लिए काम आता है. इसे हिंदी में लोग लिंग के नाम से जाते है, किन्तु इसके दोनों नामों को अलग अलग जगह प्रयोग में लाया...